सामाजिक संस्था विलक्षणा एक सार्थक पहल समिति ने छात्राओं को बांटे सैनेटरी पैड 

नूंह।

सामाजिक संस्था विलक्षणा एक सार्थक पहल समिति ने जिले के इंडरी गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की नौंवी से बारहवीं कक्षा की छात्राओं को मुफ्त में सैनेटरी पैड बांटे। संस्था ने विद्यालय की लगभग 140 छात्राओं को 980 पैड वितरित किये। इस अवसर विद्यालय में अंग्रेजी प्राध्यापिका के पद कार्यरत और संस्था की संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ सुलक्षणा अहलावत ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक "सैनिटरी नैपकिन" या "सैनिटरी पैड" का अर्थ है एक ऐसा सोखने वाला पैड जिसे आप अपने मासिक धर्म के दौरान मासिक धर्म के रक्त को सोखने के लिए अपनी पैंटी के अंदर पहनती हैं। उन्होंने कहा कि आपके मासिक स्राव और पसंद के आधार पर, एक उचित मोटाई, लंबाई और अवशोषण क्षमता वाले पैड को चुनें।

सैनिटरी नैपकिन के इस्तेमाल करने का तरीका बताते हुए कहा कि इसके इस्तेमाल का तरीका बेहद आसान है। सबसे पहले पैड के पीछे के कागज़ को हटाएँ और पैड को अपनी पैंटी में रखें। फिर विंग्स पर से कागज़़ हटाकर पैंटी के दोनों ओर विंग्स को लपेटें और उसे ज़ोर से दबाएँ। उन्होंने कहा कि इस्तेमाल किये हुए पैड को कचरे के डिब्बे में फेंकने से पहले उसे कागज़़ में लपेटें। पैड को शौचालय में नहीं डालना चाहिए क्योंकि इससे पैड नाली में फंस जायेगा।

उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं एवं लड़कियाँ एक ही पैड को काफी लम्बे समय तक इस्तेमाल करती हैं। ये खतरनाक हो सकता है, क्योंकि कुछ पैड्स सिर्फ वन टाइम यूज के लिए बनाए जाते हैं अगर आप उसे ज्यादा टाइम तक इस्तेमाल करती हैं तो बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने कि सम्भावना वहां ज्यादा रहती है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था महिलाओं के अधिकारों के लिए कार्य कर रही है। विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविंद राम ने कहा कि सैनेटरी पैड आज हर बेटी हर महिला का पहला अधिकार और पहली जरूरत है लेकिन आज भी बहुत सी लड़कियां एवं महिलाएं इससे वंचित हैं। इस अवसर पर विद्यालय में कार्यरत मैडम सविता, मैडम नीलम, लेक्चरर राजकुमार, नन्दकिशोर, राकेश अहलावत, सुरेश भारद्वाज, अमित सिंह, विकाश कुमार, राहुल, नवीन, अनिल कुमार और संस्था के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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