पौष पूर्णिमा को है स्नान का विशेष महत्त्व


महत्त्व


ज्योतिष तथा जानकारों का कहना है कि पौष महीने में सूर्य देव ग्यारह हजार रश्मियों के साथ तप करके सर्दी से राहत देते हैं। पौष के महीने में सूर्य देव की विशेष पूजा, उपासना से मनुष्य जीवन-मरण के चक्कर से मुक्ति पा सकता है। पौष पूर्णिमा के दिन गंगा-यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान, दान और सूर्य को अर्घ्य देने का विशेष महत्त्व है। माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से तन, मन और आत्मा तीनों नए हो जाते हैं। इसीलिए इस दिन संगम के तट पर स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। पौष का महीना सूर्य देव का महीना माना जाता है। पूर्णिमा की तिथि चंद्रमा के अनुसार होती है। सूर्य-चंद्रमा का यह अद्भुत संयोग केवल पौष पूर्णिमा को ही मिलता है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों की उपासना से पूरी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ग्रहों की बाधा शांत होती है और मोक्ष का वरदान भी मिलता है।


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