बिहार के हाई स्कूलों में होगी रिटायर शिक्षकों की नियुक्ति


पटना
बिहार के सरकारी माध्यमिक, उच्च माध्यमिक स्कूलों में हाईस्कूल व प्लसटू कक्षाओं में शिक्षण की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए अब सेवानिवृत्त शिक्षकों का सहारा लिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने रिटायर माध्यमिक-उच्च माध्यमिक शिक्षकों को नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इस पर सरकार की भी सैद्धांतिक सहमति मिल गयी है। विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव पर जल्द ही पहले वित्त और उसके बाद राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी ली जाएगी। 


गौरतलब है कि राज्य के माध्यमिक व उच्च माध्यमिक कक्षाओं में शिक्षकों की काफी कमी है। हालांकि इसके लिए शिक्षा विभाग ने 30 हजार पदों पर छठे चरण का नियोजन आरंभ कर रखा था, लेकिन लॉकडाउन के कारण फिलहाल नियुक्ति पर रोक लग गयी है। मई के बाद 33 हजार और शिक्षकों की बहाली के लिए भी हाल ही में शिक्षा विभाग का प्रस्ताव मंजूर हुआ है। हालांकि शिक्षा विभाग का पिछला अनुभव अच्छा नहीं है। क्योंकि नियुक्ति में योग्य शिक्षक खासकर विज्ञान, गणित जैसे विषयों में कम मिलते हैं और सीट खाली ही रह जाती है। इन्हें देखते हुए और तत्काल विद्यालयों में पढ़ाई दुरुस्त करने के लिए ही विभाग ने सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवा लेने की योजना बनाई है। 


जानकारी के मुताबिक सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवा लेने के निर्णय के पीछे सबसे बड़ी वजह सरकार की उच्च प्राथमिकता में शामिल सभी पंचायतों में 9वीं की पढ़ाई की शुरुआत है। 


इस योजना के तहत 3305 ऐसी पंचायतें हैं जहां पहली बार 9वीं कक्षा की पढ़ाई होनी है। आदर्श स्थिति के मुताबिक 9वीं की पढ़ाई संचालित करने के लिए एक स्कूल में कम से कम छह शिक्षक चाहिए। गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, हिन्दी, अंग्रेजी और द्वितीय भाषा में एक-एक शिक्षक। हालांकि विभाग ने जिलों को इन 3305 नवसृजित/ उत्क्रमित हाईस्कूलों के लिए कम से कम 5 शिक्षक की व्यवस्था करने का आदेश दिया है। 


इस स्थिति में 9वीं की पढ़ाई के लिए ही करीब 15 हजार शिक्षकों की दरकार है। वैसे जिलों को यह भी आदेश दिया गया है कि पंचायत, प्रखंड, जिला में भी सरप्लस ट्रेंड ग्रेजुएट टीचरों की पहचान कर उन्हें 9वीं की पढ़ाई वाले स्कूलों में पदस्थापित करें। इसके बाद जो कमी रह जाएगी वह सेवानिवृत्त शिक्षकों से पूरी हो जाएगी। 


टर्म कंडीशन तय होना बाकी- 
सेवानिवृत्त शिक्षकों को क्या मानदेय मिलेगा, क्या उन्हें नियोजित किया जाएगा या अतिथि शिक्षकों की भांति उनकी सेवा ली जाएगी। इन तमाम बिंदुओं पर अभी राय बननी बाकी है। शिक्षा विभाग के एक वरीय अधिकारी ने पूछे जाने पर कहा कि अभी रिटायर शिक्षकों की सेवा लेने के लिए टर्म-कंडीशन तय होना बाकी है।


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