सात साल की ऊंचाई पर सोना, अभी निवेश करना कितना फायदेमंद

हाजिर मांग में तेजी के कारण सटोरियों के नये सौदे करने से बुधवार को वायदा कारोबार में सोने का भाव 469 रुपये की तेजी के साथ 46,755 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में जून डिलीवरी के लिए सोने का भाव 469 रुपये या 1.01 प्रतिशत की तेजी के साथ 46,755 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया. इसमें 17,493 लॉट के लिए कारोबार हुआ.


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इसी तरह अगस्त डिलीवरी के लिए सोने का भाव 446 रुपये या 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 46,900 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया. इसमें 2,090 लॉट के लिए कारोबार हुआ. हालांकि, वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोने का भाव 1.12 प्रतिशत गिरकर 1,749.10 डॉलर प्रति औंस हो गया. जानकारों की मानें तो कोरोना की दहशत से आर्थिक मंदी की अनिश्चितता ने इस पीली धातु के भाव बढ़ा दिये हैं. पिछले एक हफ्ते की बात करें तो गोल्‍ड फंडों ने 6.24 फीसदी रिटर्न देने का काम किया है.


ऐसे में सबके मन में सवाल उठ रहा है कि क्‍या गोल्‍ड फंडों में निवेश का यह सही समय है ? इस सवाल का जवाब देते हुए जानकार कहते हैं कि जवाब इतना आसान नहीं है. सोना अभी कई साल के ऊंचे स्‍तर पर पहुंच चुका है. आगे इस तरह के रिटर्न को दे पाने की संभावना बहुत ज्‍यादा नजर नहीं आ रही है. जानकार ये भी कहते हैं कि म्‍यूचुअल फंड निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में सोने को जरूर स्थान देना चाहिए.


आपको बता दें कि अंतरराष्‍ट्रीय अर्थव्‍यवस्‍था पर कोविड-19 का असर दिख रहा है. जानकारों ने अनुमान जताया है कि अभी कुछ समय और सोने की कीमतों में तेजी रहने की उम्मीद नजर आ रही है. हालांकि, गोल्‍ड फंडों में निवेशकों को बहुत पैसा लगाने की जरूरत नहीं है. यदि आपका सोने में 10-15 फीसदी एलोकेशन है तो वह पर्याप्‍त है. आप निवेश करना चाहते भी हैं तो 15 फीसदी से ज्‍यादा करने का जोखिम नहीं उठाएं. वर्तमान में गोल्‍ड फंडों की यूनिटें काफी महंगी है. पिछले रिटर्न के चक्‍कर में न पड़ने में ही आपको फायदा है.


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