उमर अकमल भी मूर्खों की जमात में शामिल हुआ, ऐसे लोगों को जेल में डाल देना चाहिए : रमीज राजा


पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और कॉमेंटेटर रमीज राजा ने उमर अकमल पर लगे 3 साल के प्रतिबंध के बाद ऐसे लोगों को जेल में डाले जाने की वकालत की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा आखिरकार अकमल भी मूर्खों की जमात में आधिकारिक रूप से शामिल हो गया। तीन साल का बैन। यह प्रतिभा की बर्बादी है। अब वक्त आ गया है कि देश में मैच फिक्सिंग के खिलाफ सख्त कानून लाया जाए और इस तरह के लोगों को जेल में डाला जाए।
राजा ने जिम्बाब्वे के पूर्व गेंदबाज और कॉमेंटेटर प्यूमेलेलो बांग्वा से सोशल मीडिया पर चर्चा के दौरान यह बात कही। बांग्वा ने ट्वीटर पर लिखा- ऐसा लग रहा है कि इस लड़ाई को बुरे लोग जीत रहे हैं। वह (अकमल) जाना माना नाम है, क्या ऐसा नहीं है? क्या आपको लगता है कि जेल की सजा से इस जंग को जीता जा सकता है। इसके जवाब में राजा ने कहा- जेल की सजा इससे निपटने के लिए असरदार साबित हो सकती है, पोमी। शायद यह आखिरी उपाय होगा। यह कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई की तरह है। इससे निपटने के लिए क्रिकेट जगत को आगे आना होगा। मैच फिक्सिंग के सफाए के लिए खेल से जुड़े सभी पक्षों को एकजुट होना होगा। इसमें क्रिकेट बोर्ड, फैंस, कानून का पालन कराने वाली एजेंसियां, आपको और हमको आगे आना होगा।  उमर पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल के भाई हैं। अपने भाई पर लगे बैन पर कामरान ने कहा- मैं उमर को दी गई कड़ी सजा से हैरान हूं। वह इसके खिलाफ अपील करेगा। अन्य खिलाड़ियों को इससे पहले इसी तरह के आरोपों के लिए काफी कम सजा दी गई।
एक दिन पहले उमर को पीसीबी ने 3 साल के लिए बैन किया था
एक दिन पहले उमर अकमल को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने 3 साल के लिए हर तरह के फॉर्मेट में खेलने से प्रतिबंधित कर दिया था। अकमल पर स्पॉट फिक्सिंग की जानकारी छुपाने का आरोप था। इस पर पीसीबी की अनुशासन कमेटी जांच कर रही थी, जिसमें उन्हें दोषी पाया गया था। 
अकमल ने इंटरव्यू में 2 लाख डॉलर की पेशकश की बात कही थी
इससे पहले, अकमल ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें एक बुकी ने स्पॉट फिक्सिंग के लिए 2 लाख डॉलर की पेशकश की थी। इतना ही नहीं, इस खिलाड़ी ने यह दावा भी किया था कि उसे भारत के खिलाफ मैच न खेलने के एवज में भी मोटी रकम देने का वादा किया गया था। हालांकि, अकमल पीसीबी की अनुशासन कमेटी को यह बात बताने में नाकाम रहे कि उन्होंने इसकी जानकारी आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट को क्यों नहीं दी। 
आईसीसी को भ्रष्टाचार की जानकारी देना जरूरी
आईसीसी के एंटी करप्शन कोड 2.4.4 और 2.4.5 के तहत हर खिलाड़ी यह जानकारी देने के लिए बाध्य होता है कि उसे कभी पैसों या किसी के द्वारा गलत तरीके से फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई है। अगर खिलाड़ी यह जानकारी छुपाता है तो उसे 5 साल तक की सजा मिल सकती है। 


 


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